हड़ताल के दौरान उत्तर प्रदेश के नोएडा भी जमकर तोड़फोड़ हुई। इस दौरान सरकारी वाहनों को सबसे पहले निशाना बनाया गया। आम राहगीरों को पीटा गया। नोएडा फेज-टू में सीटू समर्थक हड़ताल के दौरान भड़क गए और उन्होंने कई वाहनों में आग लगा दी। सीटू समर्थकों ने यहां से गुजरने वाले लोगों को इन नई दिल्ली. 11 केंद्रीय मजदूर यूनियनों की ओर से बुलाए गए दो दिनों के बंद की शुरुआत हिंसा से हुई और देश के अलग-अलग इलाकों से हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ (देखें तस्वीरें) की खबरें आती रहीं। हरियाणा के अंबाला में ट्रेड यूनियन नेता नरेंद्र सिंह काका की अम्बाला रोडवेज डिपो में बस व गेट पिल्लर के बीच फंसने से मौत हो गई। नरेंद्र सिंह ट्रेड यूनियन एआईटीयूसी के कोषाध्यक्ष थे।
एआईटीयूसी के महासचिव गुरुदास दासगुप्ता ने इस बारे में कहा, 'अंबाला बस स्टैंड के पास कुछ असामाजिक तत्वों ने नरेंद्र की हत्या कर दी। हत्या करने वाले हड़ताल के बावजूद बस डिपो से बस ले जाना चाहते थे।' नरेंद्र सिंह की मौत पर अंबाला में दिन भर तनाव रहा। रोडवेज यूनियन ने नरेंद्र सिंह के परिवार के लिए 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। इस मांग पर सरकार का रुख साफ नहीं है। कार्यकर्ताओं ने अपना निशाना बनाया। इन कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने नोएडा फेज-टू के हौजरी कांप्लेक्स की करीब 400 फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की। इस घटना में 15-20 लोग घायल हुए। फेज-टू के सीओ की गाड़ी भी प्रदर्शनकारियों ने जला दी। नोएडा के सेक्टर-63 में भी तोड़फोड़ हुई। नोएडा के सेक्टर 57 और लेबर चौक के आसपास के ऑफिसों में हड़ताल समर्थकों ने जमकर उत्पात मचाया। कई ऑफिसों के शीशे तोड़ दिए गए। जिसके बाद इन ऑफिसों को बंद कर दिया गया। कई जगह कर्मचारियों ने वाहनों में आग लगा दी। नोएडा फेज-टू में हुई इस हिंसा के बाद यहां काफी तनाव का माहौल बना रहा। प्रशासन ने एहतियातन नोएडा फेज-टू और अन्य कई इलाकों में सुरक्षा को कड़ा कर दिया। नोएडा पुलिस के अलावा गाजियाबाद से भी पुलिस बल को बुलाया गया। एडीजी (एनसीआर) ओपी सिंह ने एहतियातन नोएडा पहुंचकर खुद हालात का जायजा लिया। कई प्रदर्शनकारियों पर गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
वरिष्ठ माकपा नेता वृंदा करात ने हिंसा की घटनाओं की निंदा की। इंटक अध्यक्ष संजीवा रेड्डी ने कहा कि हम शांतिपूर्वक हड़ताल कर अपनी बात सरकार तक रखना चाहते हैं, लेकिन ऐसी हिंसा के हम कतई पक्षधर नहीं है। यह सही नहीं है। हमें अफसोस है और ऐसा नहीं होना चाहिए था। इस घटना की संगठन जांच-पड़ताल करेगा और संगठन के संबंधित पदाधिकारियों से इस बाबत जवाब मांगा जाएगा।
एआईटीयूसी के महासचिव गुरुदास दासगुप्ता ने इस बारे में कहा, 'अंबाला बस स्टैंड के पास कुछ असामाजिक तत्वों ने नरेंद्र की हत्या कर दी। हत्या करने वाले हड़ताल के बावजूद बस डिपो से बस ले जाना चाहते थे।' नरेंद्र सिंह की मौत पर अंबाला में दिन भर तनाव रहा। रोडवेज यूनियन ने नरेंद्र सिंह के परिवार के लिए 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। इस मांग पर सरकार का रुख साफ नहीं है। कार्यकर्ताओं ने अपना निशाना बनाया। इन कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने नोएडा फेज-टू के हौजरी कांप्लेक्स की करीब 400 फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की। इस घटना में 15-20 लोग घायल हुए। फेज-टू के सीओ की गाड़ी भी प्रदर्शनकारियों ने जला दी। नोएडा के सेक्टर-63 में भी तोड़फोड़ हुई। नोएडा के सेक्टर 57 और लेबर चौक के आसपास के ऑफिसों में हड़ताल समर्थकों ने जमकर उत्पात मचाया। कई ऑफिसों के शीशे तोड़ दिए गए। जिसके बाद इन ऑफिसों को बंद कर दिया गया। कई जगह कर्मचारियों ने वाहनों में आग लगा दी। नोएडा फेज-टू में हुई इस हिंसा के बाद यहां काफी तनाव का माहौल बना रहा। प्रशासन ने एहतियातन नोएडा फेज-टू और अन्य कई इलाकों में सुरक्षा को कड़ा कर दिया। नोएडा पुलिस के अलावा गाजियाबाद से भी पुलिस बल को बुलाया गया। एडीजी (एनसीआर) ओपी सिंह ने एहतियातन नोएडा पहुंचकर खुद हालात का जायजा लिया। कई प्रदर्शनकारियों पर गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
वरिष्ठ माकपा नेता वृंदा करात ने हिंसा की घटनाओं की निंदा की। इंटक अध्यक्ष संजीवा रेड्डी ने कहा कि हम शांतिपूर्वक हड़ताल कर अपनी बात सरकार तक रखना चाहते हैं, लेकिन ऐसी हिंसा के हम कतई पक्षधर नहीं है। यह सही नहीं है। हमें अफसोस है और ऐसा नहीं होना चाहिए था। इस घटना की संगठन जांच-पड़ताल करेगा और संगठन के संबंधित पदाधिकारियों से इस बाबत जवाब मांगा जाएगा।

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