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गुरुवार, 20 जून 2013

उत्तराखंड में 500 सड़कें और 200 पुल बहे, जमीन में समा गए कई घर

नई दिल्‍ली. उत्‍तर भारत में मानूसन का कहर जारी है। देवभूमि उत्तराखंड में मंगलवार को मौसम खुला तो बर्बादी के गहरे जख्म दिखने लगे। रविवार को बादल फटने के बाद आई मंदाकिनी की बाढ़ ने केदारनाथ में भयानक तबाहीमचाई। केदारनाथ मंदिर का मुख्य द्वार बह गया। सिर्फ मुख्य मंदिर की इमारत बची है, वो भी मलबे में डूबी है। आसपास सबकुछ तबाह हो गया है। मंदिर प्रशासन ने कहा है कि मंदिर पूरी तरह सुरक्षित है। केदारनाथ में 40 होटल और पास का डेढ़ सौ दुकानों वाला रामबाड़ा बाजार मलबे में दबा है। हजार से अधिक लोग या तो लापता हैं या मारे गए हैं। केदारनाथ के समीप गौरीकुंड से 5000 लोग लापता हैं। 700 से ज्यादा खच्चर वाले भी लापता बताए जा रहे हैं। महंत स्‍वामी स्‍वरूपानंद शंकराचार्य इसे नदियों पर बांध बनाने का नतीजा बता रहे हैं। 
 
उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों में हवाई दौरा कर लौटे पीएम मनमोहन सिंह ने मृतकों के परिजनों को एक लाख और घायलों के परिजनों 50 हजार देने की घोषणा की है। उन्होंने राज्य के लिए 1000 करोड़ की आपदा राहत राशि जारी करने की घोषणा की है।
 
 
बीजेपी नेता सुषमा स्‍वराज ने आरोप लगाया है कि 1000 से ज्‍यादा लोग मारे गए हैं और सरकार राहत-कार्य पर ध्‍यान नहीं दे रही है। बीजेपी ने उत्तराखंड में बाढ़ और भूस्खलन को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की भी मांग की है। सुषमा ने ट्वीट किया, 'उत्‍तराखंड में हजारों लोग मारे गए हैं। सरकार ने कोई राहत-कार्य नहीं किया है। उत्‍तराखंड से विपक्ष के नेता अजय भट्ट ने बताया है कि पूरी केदार घाटी तबाह हो गई है।' सरकार ने सुषमा के दावे का खंडन नहीं किया है। 
 
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को बाढ़ से हुई तबाही के आकलन के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की 12 टीमें उत्तराखंड के लिए रवाना हो चुकी हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उत्तराखंड और हिमाचल के मुख्यमंत्रियों से बात की है। उत्‍तराखंड और हिमाचल में हालात का जायजा लेने के लिए पीएम और सोनिया आज खुद हवाई सर्वे भी करेंगे। गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि आईटीबीपी की तीन बटालियनें उत्‍तराखंड भेजी गई हैं। बद्रीनाथ में स्‍पेशल कंट्रोल रूम स्‍थापित किया गया है। (बस गुंबद बच गया, तबाह हुआ पूरा केदारनाथ धाम)
 
शिंदे ने बताया कि आईटीबीपी ने 4000 लोगों को बचाया है जबकि 6400 लोगों को जोशीमठ में शरण दी है, हालांकि करीब 62 हजार तीर्थयात्री अब भी अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं। ऐसे लोगों के लिए खाने-पीने की चीजों का इंतजाम किया जा रहा है। आईटीबीपी के डीजी अजय चड्ढा ने बताया कि उत्‍तराखंड में अब भी कई ऐसे स्‍थान हैं जहां तक पहुंचा नहीं जा सका है। हालांकि इसके लिए कोशिशें जारी हैं। उत्‍तराखंड और हिमाचल में हालात की सूचना के लिए आईटीबीपी ने हेल्‍पलाइन नंबर शुरू किया है। ये हैं 011- 24362892, 9968383478 (नहीं चेते तो और बरपेगा कुदरत का कहर)
 
राहत कार्य में जुटे हेलीकॉप्‍टर के पायलट ए के दत्‍त के मुताबिक बद्रीनाथ में हालत खराब है। गोविंदघाट में हजारों गाडियां फंसी हैं। मौसम ठीक होता तो और भी लोगों को बचाया जा सकता था। उत्‍तराखंड प्रशासन 200 के मरने और 500 से अधिक के गायब होने की बात मान रहा है। फिलहाल सिर्फ जिंदा बचे लोगों को निकाला जा रहा है। बीजेपी अध्‍यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा है कि यह राष्‍ट्रीय आपदा है। इसमें हजारों लोगों की जान जाने की आशंका है। इससे पहले, बीजेपी नेता सुषमा स्‍वराज ने आरोप लगाया कि उत्‍तराखंड में 1000 से ज्‍यादा लोग मारे गए हैं। सुषमा ने ट्वीट किया, 'उत्‍तराखंड में हजारों लोग मारे गए हैं। सरकार ने कोई राहत-कार्य नहीं किया है। उत्‍तराखंड से विपक्ष के नेता अजय भट्ट ने बताया है कि पूरी केदार घाटी तबाह हो गई है।' सरकार ने सुषमा के दावे का खंडन नहीं किया है।