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गुरुवार, 29 नवंबर 2012

ईशनिंदा पर माफ़ी लेकिन पुलिस को कोसा तो खैर नहीं


ईशनिंदा करके क़ानून के चंगुल में फंसने से आप शायद बच भी जाएं, लेकिन पुलिस और महारानी की अवमानना करके अब नहीं बच पाएंगे.
नीदरलैंड के अधिकारियों ने उस प्रस्ताव को मंजूरी देने का फैसला किया है जिसमें ईशनिंदा को अपराध की श्रेणी से बाहर निकालने की बात की गई है.
 क़ानून 1930 के दशक में लागू किया गया था और बीते आधे दशक में कभी इसका इस्तेमाल नहीं किया गया.देश के ज्यादातर सांसदों ने संसद में एक स्वर में कहा है कि ईशनिंदा संबंधी क़ानून 21वीं सदी में प्रासंगिक नहीं है.

शान में गुस्ताख़ी

रोचक बात ये है कि नीदरलैंड में आप किसी पुलिस अधिकारी या देश की सत्ता का कमान संभालने वाली महारानी के बारे में ऐसा कुछ नहीं कह सकते जो उनकी शान में गुस्ताख़ी करता हो.
नीदरलैंड के समाज को उदार और सहिष्णु माना जाता है जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को अहम स्थान दिया गया है.
हेग में मौजूद बीबीसी संवाददाता ऐन्ना होलिगन के मुताबिक, देश की एक अदालत ने कहा था कि इस्लाम-विरोधी दक्षिणपंथी
नेता गीर्ट विल्डर्स को इस्लाम की आलोचना करने की अनुमति होनी चाहिए, भले ही उनके इस मुंहफट तरीके से मुसलमान आहत होते हों.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अदालत के इस रुख के बाद ईशनिंदा के मुद्दे पर देश में बहुत बहस हुई है.
हालांकि साल 2008 में देश की गठबंधन सरकार ने 'कंजरवेटिव क्रिश्चियन' राजनीतिक पार्टी का समर्थन बरकरार रखने के लिए ईशनिंदा कानून को खत्म नहीं करने का फैसला किया था.