भारत का एक प्रतिनिधि मण्डल १९६१ में अफगानिस्थान गया | उसमे सुप्रसिद्ध विचारक, अफगानिस्थान नीति के विशेषज्ञ डॉ. वेदप्रताप वैदिक भी थे, वहाँ बाबर की कब्र जीर्ण –शीर्ण अवस्था में थी | उन्होंने अफगानी नेता से पूछा बाबर के कब्र की ऐसी दुरावस्था क्यों है ? अफगान नेता ने उत्तर दिया –बाबर से हमारा क्या संबध था ? बाबर एक विदेशी हमलावर था, उसने हमारे ऊपर हमला किया, हमें गुलाम बनाया था | वह मुसलमान था इसलिए यह कब्र हमने गिराई नहीं | परन्तु जिस दिन गिरेगी उस समय हरेक अफगानी को आनंद होगा | बाबर हमारा शत्रु था, यह बोलने वाले श्री बबरक कारमाल १९८१ में अफगान के प्रधानमंत्री बने | उनकी बात भारत के मुसलमान को ध्यान में लेनी चाहिए |
ईरान मुस्लिम देश है, परन्तु वे रुस्तम सोहराब को राष्ट्रीय पुरुष मानते है | रुस्तम सोहराब तीन हजार साल पहले हुए और वे पारसी थे, मुस्लिम नहीं थे | मिस्र देश में पिरिमिड राष्ट्रीय प्रतिक है ,पिरामिड साढे तीन हजार वर्ष पूर्व के है और उस समय इस्लाम था ही नहीं | भगवान राम हजारों वर्ष पूर्व आए थे | भारत के मुसलमान भी २००,४००,८०० साल पहले हिंदू ही थे | तो भारत के मुस्लिम राम को अपना पूर्वज, भारत का राष्ट्रीय पुरुष क्यों नहीं मानते ?
विनायकराव देशपांडे
केंद्रीय संयुक्त महामंत्री, विश्व हिंदू परिषद
ईरान मुस्लिम देश है, परन्तु वे रुस्तम सोहराब को राष्ट्रीय पुरुष मानते है | रुस्तम सोहराब तीन हजार साल पहले हुए और वे पारसी थे, मुस्लिम नहीं थे | मिस्र देश में पिरिमिड राष्ट्रीय प्रतिक है ,पिरामिड साढे तीन हजार वर्ष पूर्व के है और उस समय इस्लाम था ही नहीं | भगवान राम हजारों वर्ष पूर्व आए थे | भारत के मुसलमान भी २००,४००,८०० साल पहले हिंदू ही थे | तो भारत के मुस्लिम राम को अपना पूर्वज, भारत का राष्ट्रीय पुरुष क्यों नहीं मानते ?
विनायकराव देशपांडे
केंद्रीय संयुक्त महामंत्री, विश्व हिंदू परिषद
