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गुरुवार, 10 जनवरी 2013

गन्ना किसानों के आंदोलन पर ध्यान दे सरकार वरना हो सकता है आंदोलन का स्वरूप् विकृत -विवेकशील राघव


वे भुखे जो अन्न उगावें,
वे नंगे जो वस्त्र बनावें,
वे बेघर जो महल चुनावें,
मानव का निर्माण अरूचिकर,
प्रलय बादलो बरसो-बरसो
यह धरती समतल हो जाये
 उमड़-घुमड़ कर बादल आये


कवि चिरंजीवी की यह पंक्तियां आज आजादी के 65 वर्षो बाद भी चरितार्थ होती नजर आती हैं। गत दो माह से अपनी गन्ना उपज का मूल्य मांग रहे किसानों को अपना घर छोड़कर इस कड़कड़ाती ठण्ड में जीटी रोड स्थित लधौआ चीनी मिल पर आंदोलन करना पड़ रहा है। किन्तु एक ओर किसानों की मसीहा बनने वाली उ.प्र. सरकार के कान में जूं नहीं रेंग रही है तो वहीं दूसरी ओर अपवादों को छोड़ दें तो अवसरवादी मीडिया भी इस पर ध्यान देना उचित नहीं समझती। वैसे भी जब इस मिल का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के कर कमलों से हुआ था। लोंगों का तो यह भी कहना है कि मिल मालिक और उ.प्र. सरकार के सम्बन्ध काफी मधुर हैं।
हाथों मंे जहर की शीशियां और दिलों में स्वार्थी राजनीति के प्रति आक्रोश लिए किसान अपने परिवारों के साथ लम्बे समय तक भूख हड़ताल और प्रदर्शन कर थका हुआ महसूस करने लगे हैं। किन्तु उनके दर्द को समझना तो दूर कोई सुनने तक को भी तैयार नहीं लगता। उनके घरों में भी फांके रहने की स्थिति आ गई है। लेकिन विकास के दावे करने वाली सरकारों को कोई फर्क नहीं पड़ता। यह भूख अगर नक्सलवाद या अन्य प्रकार के विद्रोह का रूप लेती तो गरीबी मिटाने का दम भरने वाले गरीबों को मिटाने की षड्यंत्र बानाने लगते हैं।
 यदि शीघ्र ही इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन सड़कों अथवा रेल मार्ग को अवरुद्ध कर जन-जीवन अस्त-व्यस्त करने की ओर भी बढ़ सकता है। अपने ही पैसे को भीख की तरह मांग रहे किसानों की परिस्थितियों को समझा जाना चाहिए वरना आंदोलन का स्वरूप विकृत भी हो सकता है

दो माह पूर्व पकड़े गये मॉस से लदे दो ट्रकों के मांस परीक्षण में गौमास सिद्ध हो जाने पर किया पुलिस का पुतला दहन

सिकन्दराराव। बुधवार को नगर में बजरंग दल एवं सभी हिन्दूवादी संगठनों ने एक जुट होकर एक माह पूर्व हाथरस में गौ-मॉस से लदे दो ट्रकों को पुलिस द्वारा आंतरिक सांठ-गांठ कर छोड दिये जाने व बाद में निरीक्षण में गौ-मॉस सिद्ध होने पर आक्रोशित हिन्दूवादी कार्यकर्ताओं द्वारा पन्त चौराहा पर पुलिस का पुतला दहन किया गया तथा पुलिस क्षेत्राधिकारी हाथरस गेट को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर गौहत्या में आरोप पत्र दायर कर जेल भेजने की मॉग की गयी। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता विवेकशील राघव ने कहा कि गौहत्याएं पुलिस प्रशासन के संरक्षण में वैखौफ हो रही है और यह गौ मॉस परीक्षण वाली घटना से सिद्ध हो चुका है और बुधवार को ही नगर में जो मॉस से लदा ट्रक पलटा है उसके मॉस की सेंपल की जॉच करायी जानी चाहिए थी एवं दोश सिद्ध होने पर संलिप्त अपराधियॉ के विरूद्ध कडी से कडी कार्यवाही होनी चाहिए थी परन्तु पुलिस ने मांस का बिना परीक्षण कराये ट्रक को मांस सहित छोड़ दिया। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सेकड़ों सवाल खड़े हो रहे हैं। वही बजरंग दल के नगर संयोजक प्रशान्त विक्रम शाह ने कहा कि दोशी हाथरस गेट पुलिस क्षेत्राधिकारी पर कडी कार्यवाही नही की गयी तो जिले भर में हिन्दू जनता द्वारा कर्मिक आंदोलन व्यापक स्तर पर चलाये जाएगें जिसके लिए शीघ्र ही रणनीति बनाकर ग्रामीण स्तर पर जनसंपर्क कर लोगो को इस आंदोलन से जोडा जायेगा। पुतला दहन के दौरान पुलिस प्रशासन मुर्दावाद एवं गौहत्यारों को फॉसी दो के नारे हिन्दूवादियों द्वारा लगाये गये। इस अवसर पर प्रमुख रूप से चेतन शर्मा, मुकुल गुप्ता, अजय चौहान, विवेक यादव, वौवी राघव, मनोज वाष्र्णेय, संतोष पुण्ढीर, रामू यादव, पीयूष यादव, प्रकाश कश्यप, मोहित कुमार, मोनू जादोन, लक्ष्मण स्वरूप शर्मा, पुष्पेन्द्र यादव आदि लोग थे।

सिकन्दराराव। उपजिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

सिकन्दराराव। एलओसी पर पाकिस्तान की ओर से दो भारतीय सैनिको की हत्या कर उनके सिर काट ले जाने की बर्बर घटना ने सम्पूर्ण राष्ट्र को सोचने पर विवश कर दिया है। इसे लेकर देश में पाकिस्तान के प्रति भारी आक्रोश उत्पन्न हो रहा है। देशभर से लोग सड़कों पर उतर पाकिस्तान विरोधी नारे लगा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैंं। इसी के साथ नगर में बुधवार को सैकड़ों लोगों ने इकट्ठे होकर उपजिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नगर के लोगों ने कहा कि एक ओर जहॉ हमारा देश क्रिकेट मैच, व्यापारिक योजनाओं व अन्य गतिविधियॉ के माध्यम से शान्ति और सौहार्द के लिए प्रयासरत है वहीं शत्रु राष्ट्र द्वारा हमारे देश पर किये जा रहे हमलें इस बात के घोतक है कि वह सौहार्द पूर्ण-नीति का समर्थक नही है। अत: पूर्व ही अन्य घटनाओं व वर्तमान क्रूरतम घटनाओं को दृश्टिगत रखते हुए हमें पाकिस्तान से सभी प्रकार के सम्बन्ध समाप्त कर क्रिकेट व्यापार व बीजा आदि को पूर्ण प्रतिबन्धित कर कडार्इ से निपटने का सकल्प लेना चाहिए तथा साथ ही इन घटनाओं को विश्वमंच पर उठाने के साथ-साथ अपनी ओर से कडी प्रतिक्रिया भी व्यक्त की जानी चाहिए। जिससे देश रक्षा में शहीद हुये दोनों भारतीय सैनिकों की आत्मा को शांति मिल सकें। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से विवेकशील राघव, प्रकाश कश्यप, मोहित कुमार, मौनू जादौन, बोबी राघव, विवेक यादव, पीयूष यादव, रामू यादव, प्रशान्त विक्रम शाह, मनोज कुमार वाष्र्णेय, लक्ष्मण स्वरूप शर्मा, अखिलेश यादव, सोरभ कुमार, आशीष पंड़ित, सूर्यप्रताप सिंह आदि थे।