यह ब्लॉग खोजें

शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2013

हैदराबाद से ही खरीदा विस्फोटक, धमाकों में पांच स्लीपर सेल का हाथ?

नई दिल्‍ली/हैदराबाद. हैदराबाद धमाकों के मामले में खबरहै कि इन धमाकों को पांच स्लीपर सेल की टीम ने अंजाम दिया था। पुलिस सूत्रों के हवाले से खबर है कि धमाकों में इस्तेमाल के लिए विस्फोटक हैदराबाद से ही खरीदे गए थे। वहीं विस्फोट के तार बिहार के दरभंगा से भी जुड़े होने की भी संभावना है। इसकी जांच करने एनआईए की एक टीम दरभंगा भी जाएगी।

वहीं दंगों के बाद शुक्रवार को गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के लोकसभा और राज्यसभा में दिए बयान का काफी विरोध हुआ। उन्‍होंने कहा था कि स्थिति काबू में है, लेकिन लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्‍वराज ने यह कहते हुए उन्‍हें घेरा कि जब इनपुट पहले से उपलब्‍ध था तो एहतियातन कार्रवाई क्‍यों नहीं की गई? राज्‍यसभा में तो भाजपा के नेता वेंकैया नायडू ने गृह मंत्री के लिए असंसदीय शब्‍द का इस्‍तेमाल तक कर दिया। राज्यसभा में बयान देने के लिए देर से आने से गुस्साए वेंकैया नायडू ने कहा- भाड में जाएं गृह मंत्री। इसके बाद कांग्रेसी सांसदों ने खूब हंगामा किया और कार्यवाही स्‍थगित करनी पड़ी। सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि गृहमंत्री के बयान में ठोस कारणों के बजाए पुलिस थाने में दर्ज रोजनामचे जैसे ब्यौरे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार में इच्छाशक्ति की कमी है।

गृहमंत्री शिंदे ने शुक्रवार शाम पांच बजे राज्यसभा में दोबारा कहा कि वह हैदराबाद धमाके के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे सकते हैं क्योंकि इससे जांच प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि कसाब और अफजल की फांसी के बाद राज्य सरकारों को तीन बार अलर्ट जारी किए थे लेकिन राज्य अक्सर केंद्र की ओर से जारी किए अलर्ट को गंभीरता से नहीं लेते हैं। शिंदे का कहना था कि सरकार NCTC (नेशनल काउंटर टेरेरिज्म सेंटर) बनाने को तैयार है लेकिन राज्य सरकारें इसके लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बॉर्डर मैनेजमेंट, सीमा पर लाइट लगाने और चारदीवारी बनाने जैसी कोशिशों से देश में हर साल आतंकी घटनाओं में कमी आई है। शुक्रवार शाम को विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने भी हैदराबाद धमाकों पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस समय देश को एकजुट होने की जरूरत है। ऐसा नहीं हुआ तो दुश्मन हमारे देश पर दोबारा हमला कर सकते हैं।

इसस पहले राज्यसभा का सत्र दोपहर तीन बजे बाद दोबारा शुरू होने पर विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया। सभापति हामिद अंसारी ने घोषणा की कि गृहमंत्री राज्यसभा में हैदराबाद धमाकों पर बयान देंगे लेकिन विपक्षी सांसद शांत नहीं हुए। अंसारी को तीन बार अपनी चेयर से उठकर सांसदों को शांत कराना पड़ा। गृहमंत्री ने हंगामे के बीच ही अपना बयान पढ़ा। वेंकैया का कहना था कि उन्हें गृहमंत्री के बयान से निराशा हुई है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री चाहते तो रात में हैदराबाद जाकर सुबह आकर संसद में बयान देते लेकिन वह दोपहर बाद संसद में आए हैं और उच्च सदन में तीन बजे आ रहे हैं। वेंकैया का कहना था कि अब तक विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने भी कोई बयान नहीं दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास आतंक से निपटने के लिए कोई नीति नहीं है। सरकार आतंक से निपटने के लिए अपना रोडमैप बताए।

इससे पहले शिंदे ने दोनों सदनों में कहा था, 'धमाकों के लिए आईईडी का इस्तेमाल किया गया है। धमाकों में मारे गए 16 लोगों की मौत पर सरकार को दुख है। केंद्र और राज्य ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे की घोषणा की है। फोंरेसिक टीम को काफी सबूत मिले हैं और धमाकों के दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।'

गृह मंत्री के संक्षिप्त बयान के बाद विपक्ष ने उन्हें घेर लिया। नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने कहा कि सुबह से गृहमंत्री के बयान का इंतजार कर रहे थे। लेकिन ये बयान रूटीन में दिया गया है। इससे हमारे सवालों का जवाब नहीं मिला है। सुषमा ने कहा कि नौ साल बाद अफजल को फांसी पर लटकाया। इस काम में इतनी देर क्यों की गई, इसकी प्रतिक्रिया संवेदनशील इलाकों में हो सकती थी। हैदराबाद जैसे संवेदनशील शहर में अलर्ट जारी होना चाहिए था। क्या केंद्र की जिम्मेदारी महज राज्य को सूचना देना है या आतंकी घटना को रोकने में मदद करना भी है। अगर केंद्र सरकार ने मदद की है तो क्या?

सुषमा का कहना था कि आतंकवाद के मसले पर केंद्र राज्य के भरोसे नहीं रह सकता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद सामान्य कानून प्रक्रिया का मामला नहीं है। दूसरे शहरों में ऐसी आतंकी घटना न हो इसके लिए क्या तैयारी की गई है? ओवैसी का नाम लिए बिना कहा कि उनके भड़काऊ भाषण का इस विस्फोट से कोई संबंध है? आतंकी घटनाओं में मिलने वाले मुआवजे की राशि एक समान क्यों नहीं है? नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश सभी नेताओं के कमिटमेंट चाहता है। सभी दलों की सोच में समानता आने पर ही देश आतंकवाद का सामना कर सकता है।

सुषमा के बयान के बाद केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने कहा कि सरकार विपक्ष के सवालों पर संसद में बहस को तैयार है। लेकिन विपक्षी सांसद हंगामा करने लगे। इसके बाद डिप्टी स्पीकर ने लोकसभा को दोपहर 3.30 तक के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी।

इसी बीच, राज्‍यसभा में गृह मंत्री के बयान की मांग जोर पकड़ने लगी। बताया गया कि गृह मंत्री अभी लोकसभा में बयान दे रहे हैं। इसके बाद वह राज्‍यसभा आएंगे। तब तक के लिए सदन स्‍थगित कर दिया जाए। इस पर वेंकैया ने कहा, 'गृह मंत्री भाड़ में जाएं।'

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें