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शनिवार, 11 जून 2011

आतंकियों से सेना के संबंध का वीडियो दिखा अमेरिका ने पाकिस्‍तान को लताड़ा


वाशिंगटन/इस्लामाबाद। अमरीका ने पाकिस्तानी सैन्य अफसरों और आईएसआई के आतंकियों से सांठगांठ के सबूत पेश करते हुए पाकिस्‍तान को कड़ी फटकार लगाई है। ऎसे में लादेन की मौत के बाद पहले से ही तनाव में चल रहे अमरीका-पाक रिश्तों में और दरार आने की आशंका है।

पाकिस्तान की यात्रा पर गए अमरीकी खुफिया एजेंसी सीआईए के चीफ लियोन पनेटा ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कयानी से मुलाकात के दौरान इस बात के सबूत दिए कि पाकिस्तान सुरक्षाबलों, सेना और आईएसआई के वहां सक्रिय कई आतंकी संगठनों से सांठगांठ है। कयानी को सबूत दिखाते हुए पनेटा ने कहा, सेटेलाइट और अन्य इंटेलिजेंस से प्राप्त सूचना के आधार पर सीआईए यह मानती है कि पाकिस्तानी सुरक्षाबल आतंकियों की मदद करने में लगे हैं। अमरीका ने पाकिस्तान को आतंकियों की मदद करने के लिए कड़ी फटकार भी लगाई है।

पनेटा ने कयानी को 10 मिनट का एक वीडियो दिखाया जिसके अनुसार आतंकी दक्षिणी वजीरिस्तान और मिरानशाह बेस पर बम बनाने की फैक्ट्रियां संचालित कर रहे हैं। इनमें से एक संगठन हाफिज गुल बब्बर और दूसरा हक्कानी संगठन का है। दोनों गुटों के खिलाफ अमरीकी और नाटो सेना अभियान छेड़े हुए है। लेकिन सीआईए को शक है कि पाकिस्तानी आर्मी दोनों आतंकियों से गुपचुप डील कर रही है।

उन्होंने बताया कि अमेरिका ने पाकिस्तान को इन दोनों स्थानों की जानकारी दी थी, लेकिन जब पाकिस्तानी सुरक्षा बल वहां पहुंचीं, तो पता चला कि आतंकवादी वहां से फरार हो गए हैं। पनेटा ने पाशा को और भी कई सबूत दिए, जिससे यह साबित होता है कि सेना और आईएसआई के आतंकवादियों से संबंध हैं।

पाकिस्तान में अमेरिकी कमांडो द्वारा अल कायदा चीफ ओसामा बिन लादेन को मारे जाने के बाद दोनों देशों में तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका ने पाकिस्तान से आतंकवादियों पर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। अमेरिका ने पाकिस्तान को पांच कुख्यात आतंकवादियों की सूची भी दी है और कहा है कि या तो इन्हें गिरफ्तार किया जाए, या फिर खत्म कर दिया जाए। इन आतंकवादियों में आयमन जवाहरी का भी नाम है। सूची में इलियास कश्मीरी का भी नाम है, जिसकी मौत पर संदेह बरकरार है।

पाकिस्तान ने माना है कि इन मामलों में आतंकवादियों को पूर्व में ही सूचना दी गई है और कहीं न कहीं, पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों में से कुछ लोग इसमें शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच हो रही है और जो भी इसमें शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि हम पाकिस्तान को सूचनाएं देने को तैयार हैं, लेकिन वह यह साबित तो करे कि कार्रवाई होगी। सुरक्षा बलों के जवान ही सरकार के नियंत्रण में नहीं हैं। sabhaar - bhaskar.com

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