
नई दिल्ली. रामलीला मैदान पर देर रात पुलिस ने अनशन पर बैठे बाबा रामदेव को हिरासत में ले लिया है और उनकों सुरक्षित स्थान पर बाहर ले गई है। लेकिन बाबा को हिरासत में लेने के लिए पुलिस को बाबा के सर्मथकों का विरोध प्रदर्शन का सामना भी करना पड़ा है लेकिन पुलिस ने आंसू के गोले तक इस्तेमाल कर बाबा सर्मथकों को तितर-बितर कर बाबा को चारों तरफ से घेरकर अपनी हिरासत में ले लिया। पूरे दो घंटे तक पुलिस ने बाबा को हिरासत में लेने के लिए हर संभव प्रयास किया। इस दौरान बाबा को पुलिस से बचाने के लिए सर्मथकों ने अपना सुरक्षा घेरा बनाकर बाबा को कंधे पर उठा लिया था, कभी बाबा मंच पर आकर अपनी बात कहना चाहते थे, इस दौरान बाबा ने इस बात के संकेत भी दिए कि अगर उनको हिरासत में लेना है तो सरकार दिन में वारंट दे और दिन में हिरासत में ले। यूं चोरों की तरह रात में हिरासत में लेने का प्रयास ना करें। लेकिन दिल्ली पुलिस ने बाबा की बात को अनसुनी कर ना केवल बाबा रामदेव को अपनी हिरासत में लिया बल्कि उनके सर्मथकों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े।हिरासत में लिए जाने से पहले क्या बोले बाबा रामदेव एक नजर : आजाद भारत का सबसे बड़ा जुल्म दिल्ली पुलिस ने मुझे हिरासत में लेने के लिए जो व्यवहार दिल्ली के रामलीला मैदान पर किया है वैसा जुल्म तो अंग्रेजों ने भी नहीं किया था। आजाद भारत का यह सबसे बड़ा जुल्म है। हमने कोई अपराध नहीं किया है तो फिर क्यों इस तरह का व्यवहार हमारे साथ किया जा रहा है। पीएम से अनुरोध बाबा रामदेव ने मंच से दिए जा रहे भाषण में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अनुरोध करते हुए कहा कि अगर सरकार मुझे हिरासत में लेना चाहती है तो दिन में वारंट दे और मुझे हिरासत में ले , लेकिन यूं रात को इस तरह बिना कोई सूचना दिए हिरासत में लेने का प्रयास ना करें , यह हमें मंजूर नहीं है। देश की जनता कड़ा विरोध करे, हमें आपका समर्थन चाहिए पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ मैं पूरे देश की जनता से अनुरोध करता हूं कि वे कड़ा विरोध प्रदर्शन करें और लोग घर से निकलकर आएं और आवाज बुलंद करें। धन लूटा तो लूटा, अंग्रेजों जैसा व्यवहार क्यों ये कैसा लोकतंत्र है जहां इस तरह अनशन पर बैठे लोगों के साथ पुलिस अंग्रेजों जैसा व्यवहार करती है। धन लूटा तो लूटा, अब अंग्रेजों जैसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है। बाबा को हिरासत में लिए जाने का घटनाक्रम देर रात 11 बजे : ज्वाइंट कमिश्नर आए और स्थिति का मुआयना किया रात 12 बजे सादी वर्दी में पुलिस बल का रामलीला मैदान में प्रवेश, चारों तरफ पुलिस फैली रात एक बजे के आसपास दिल्ली पुलिस और आरपीएफ के जवान वर्दी में नजर आए और देखते ही देखते इनकी संख्या बढ़ने लगी रात 1.30 बजे बाबा को पुलिस हिरासत में लेने का दबाव बनाया गया लेकिन बाबा ने गिरफ्तारी देने से इंकार किया, भक्तों ने सुरक्षा घेरा बनाकर अपने कंधे पर बैठाया रात 1.40 बाबा भक्तों के बीच उनके कंधे पर बैठकर संबोधित करते हैं, इस दौरान चारों तरफ पुलिस का घेरा बढ़ता जा रहा है रात 2 बजे के आसपास बाबा कुछ समर्थकों के साथ मंच पर आए, घटनाक्रम से हतप्रभ बाबा परेशान दिखे, सरकार को संकेत दिया यू रात को इस तरह हिरासत में लेने का प्रयास ना करें, बाबा के चारों तरफ सर्मथकों , महिलाओं ने भी घेरा बनाया ताकि पुलिस बाबा तक पहुंच ना पाए, इस दौरान बाबा सर्मथक लोगों ने पुलिस पर पत्थर चलाना शुरू किया। रात 2.15 बजे दिल्ली पुलिस ने आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया, आंसू गैस के चलते बाबा के मंच पर आग लगी, कुछ ही देर में मंच लगभग खाली होता दिखा, रामलीला मैदान में देखते ही देखते अफरा तफरी का माहौल रात 2.30 रामलीला मैदान पर बाबा का मंच नष्ट हो गया, बाबा को लेकर संशय की स्थिति कि आखिर बाबा हैं कहा, बाबा को हिरासत में लिए जाने का समाचार फैला सुबह दिल्ली पुलिस का दावा बाबा को हिरासत में नहीं लिया गया वे खुद कहीं चले गए जबकि बाबा के संगठन भारत स्वाभिमान ट्रस्ट का दावा किया कि बाबा को हिरासत में लिया गया, सुबह इस तरह की सूचना आ रहीं है कि बाबा को उत्तराखंड राज्य की सीमा के पास पुलिस ने छोड़ा कई लोग घायल बाबा रामदेव को हिरासत में लेने की जो कार्रवाई देर रात पुलिस ने की इसमें कई लोगों के घायल होने की सूचना है। बाबा का पीए के भी पैर में फ्रैक्चर आने की सूचना है।
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