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शुक्रवार, 3 मई 2013

सरबजीत की मौत का कारण टॉर्चर

लाहौर/नई दिल्ली। पाकिस्‍तान की जेलों में 22 साल गुजराने के बाद लाहौर के जिन्‍ना अस्‍पताल में आखिरी सांस लेने वाले सरबजीत सिंह का शव गुरुवार रात उनके पैतृक गांव भिखीविंड ले जाया गया। इससे पहले लाहौर से शव लेकर एयर इंडिया का विशेष विमान जब अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरा तो वहां विदेश राज्‍य मंत्री परनीत कौर, पंजाब के डिप्‍टी सीएम सुखबीर सिंह बादल और पंजाब कांग्रेस के अध्‍यक्ष प्रताप सिंह बाजवा समेत कई नेता मौजूद रहे। लेकिन सरबजीत का शव लेकर लाहौर एयरपोर्ट से इस विमान के उड़ान भरने में वहां के अधिकारियों की वजह से देरी हुई। सरबजीत की लाश को भारत भेजते समय आखिरी वक्‍त में पाकिस्‍तान की लालफीताशाही आड़े आई। पहले पाकिस्‍तान के कस्‍टम अधिकारियों ने सरबजीत का शव भारत भेजने से रोका, फिर वहां की एंटी नारकोटिक्‍स फोर्स ने अड़ंगा डाला।
            कस्‍टम अधिकारी शव को भारत भेजने से पहले एनओसी, पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस रिपोर्ट मांग रहे थे। पाकिस्‍तानी अधिकारी विदेश मंत्रालय से भी क्लियरेंस मांग रहे थे। इसके बाद एंटी नारकोटिक्‍स टीम ने सरबजीत का शव भारत भेजने की मंजूरी देने से पहले हॉस्पिटल की तरफ से क्लियरेंस की मांग की। इस तरह सरबजीत का शव लेने गया एयर इंडिया का विशेष विमान एयरबस 319 लाहौर एयरपोर्ट पर करीब तीन घंटे से अधिक समय तक खड़ा रहा। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद शव को भारतीय विमान में रखा जा सका। (57 पाकिस्तानी कैदियों को भारतीय कैदियों से अलग किया)
 
सरबजीत को शव को पोस्‍टमॉर्टम के लिए पहले पट्टी ले जाया जाएगा। इसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया जाएगा। सरबजीत का परिवार दिल्‍ली से विमान के जरिये अमृतसर और फिर वहां से हेलिकॉप्‍टर के जरिये भिखीविंड पहुंचा जहां कल दोपहर दो बजे सरबजीत का अंतिम संस्कार होगा। लाहौर के जिन्‍ना अस्‍पताल में सरबजीत के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सरबजीत की मौत का कारण टॉर्चर को बताया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव भारतीय अधिकारियों को सौंप दिया गया। गत 26 अप्रैल को कोट लखपत जेल में पाकिस्‍तानी कैदियों के हमले में सरबजीत को गंभीर चोट आई थी जिसके बाद उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती कराना पड़ा था। गुरुवार आधी रात के बाद करीब डेढ़ बजे सरबजीत के मौत की खबर आई। 
 
इस बीच, जीते जी सुध नहीं लेने वाली सरकार मरने के बाद सरबजीत और उनके परिवार वालों पर कृपा बरसा रही है। मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री राहत कोष से सरबजीत के परि‍वार वालों को 25 लाख रुपये देने की घोषणा की तो पंजाब सरकार ने एक करोड़ रुपये देने का ऐलान कर दिया। पंजाब सरकार सरबजीत को शहीद का दर्जा देने के साथ सरबजीत की बेटियों को सरकारी नौकरी भी देगी। सरबजीत का अंतिम संस्‍कार भी पूरे राजकीय सम्‍मान के साथ किया जाएगा। पंजाब में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई है।

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