इस्लामाबाद.
क्या कसाब की फांसी के बाद पाकिस्तान भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह को फांसी
देकर भारत से बदला निकाल सकता है। पाकिस्तानी राष्ट्रपति के ऑफिस के जुड़े
सूत्रों की माने तो इससे पाकिस्तान सरकार पर सरबजीत को फांसी देने के लिए
दबाव बन सकता है।
पाक की ओर से जारी बयान में अधिकारियों ने कहा कि हम भारत की न्याय प्रक्रिया की इज्जत करते हैं। हमें उम्मीद है कि यह सब एक न्यायोचित प्रक्रिया के तहत किया गया है। उन्होंने बताया कि भारतीय राष्ट्रपति ने इस मामले पर फैसला लेने में काफी जल्दबाजी की है और आखिरी समय तक यह फैसला छिपा कर रखा गया।
लेकिन अब इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि सरबजीत सिंह की भी दया याचिका भी खारिज कर दी जाए। 49 वर्षीय सरबजीत सिंह पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बम धमाके करने का आरोप है, जिसमें 14 लोग मारे गए। इस पर उसे मौत की सजा सुनाई जा चुकी है।
पाकिस्तान सरकार की तरफ़ से भी एक सधी प्रतिक्रिया में कहा गया है कि पाकिस्तान हर तरह की चरमपंथी कार्रवाईयों का विरोध करता है.
पाक की ओर से जारी बयान में अधिकारियों ने कहा कि हम भारत की न्याय प्रक्रिया की इज्जत करते हैं। हमें उम्मीद है कि यह सब एक न्यायोचित प्रक्रिया के तहत किया गया है। उन्होंने बताया कि भारतीय राष्ट्रपति ने इस मामले पर फैसला लेने में काफी जल्दबाजी की है और आखिरी समय तक यह फैसला छिपा कर रखा गया।
लेकिन अब इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि सरबजीत सिंह की भी दया याचिका भी खारिज कर दी जाए। 49 वर्षीय सरबजीत सिंह पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बम धमाके करने का आरोप है, जिसमें 14 लोग मारे गए। इस पर उसे मौत की सजा सुनाई जा चुकी है।
पाकिस्तान सरकार की तरफ़ से भी एक सधी प्रतिक्रिया में कहा गया है कि पाकिस्तान हर तरह की चरमपंथी कार्रवाईयों का विरोध करता है.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोअज़्ज़म अली ख़ान ने कहा कि
चरमपंथ के मुद्दे पर पाकिस्तान की नीति बिल्कुल साफ़ है और उसने हमेशा हर
तरह की चरमपंथी कार्रवाईयों का विरोध किया है. एक बयान जारी कर पाकिस्तानी
विदेश मंत्रालय ने कहा, आतंकवाद के अभिशाप को इस पूरे क्षेत्र से समाप्त
करने के लिए हम सभी देशों के साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं.
पाकिस्तानी प्रवक्ता का कहना था कि मंगलवार को इस्लामाबाद स्थित
भारतीय दूतावास के उपउच्चायुक्त ने पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के दफ़्तर
जाकर कसाब की फांसी के संबंध में कुछ दस्तावेज़ दिए थे जिसे दक्षिण एशिया
के महानिदेशक ने स्वीकार किया था
sabhar-dainik bhasker
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