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बुधवार, 30 जनवरी 2013

हाथरस जिले में गोकशी की घटनाओं को तत्काल प्रभाव से रोके जाने तथा दोषी एस ओ थाना हाथरस गेट के निलम्बन के सन्दर्भ मे एक ज्ञापन राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी सिकन्दराराव को दिया गया।


सेवा में
श्रीमान राज्यपाल महोदय
उ.प्र.शासन, लखनऊ

द्वारा श्रीमान उपजिलाधिकारी महोदय
सिकन्दराराव (हाथरस)

विषयः- प्रदेश भर में हो रही गोकशी की घटनाओं को तत्काल प्रभाव से रोके जाने तथा हाथरस जनपद के दोषी एस ओ थाना हाथरस गेट के निलम्बन के सन्दर्भ में।

महोदय,
अवगत कराना हे कि हाथरस जनपद में काफी समय से गौकशी की घटनाऐं व्यापक पैमाने पर की जा रही हैं। जनता द्वारा दर्जनों बार जीवित गायों के ट्रक आदि पकड़ कर पुलिस के नियंत्रण में दिये गये हैं। जिस पर स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा औपचारिकता मात्र कर लिप्त लोगों को छोड़ दिया गया है। इसके साथ ही जनता द्वारा गत् लगभग दो माह पूर्व दो ट्रकों में लदा गाय का मांस हाथरस नगर में थाना हाथरस गेट के अन्र्तगत आने वाले क्षेत्र में पकड़ा गया था। कार्यवाही के लिए जब स्थानीय लोगों द्वारा प्रशासन पर दबाव बनाया गया तो प्रशासन ने गौमांस का नमूना मथुरा फोरेंसिक जांच हेतु भिजवा दिया और रातों-रात मांस से भरे ट्रकों को छोड़ दिया गया। जबकि विवादित मांस को प्रशासन द्वारा तब तक नहीं छोड़ा जाना चाहिए था जब तक कि नमूने की जांच का परिणाम उपलब्ध न हो जाय। उक्त घटना से थाना हाथरस गेट के एस. ओ. की नीयत पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।
एक माह बाद उपलब्ध जांच रिपोर्ट में उक्त मांस गौमांस सिद्ध हुआ। जिस पर स्थानीय जिला प्रशासन को चाहिये था कि वह उक्त एस.ओ. व संलिप्त दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही अमल में लाये। किन्तु ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। जिससे जिले भर के जागरुक लोगों ने दस हजार लोगों के हस्ताक्षर युक्त एक ज्ञापन एस.पी. हाथरस के नाम देने का कार्यक्रम निश्चित किया। एस.पी. कार्यालय पंहुचकर लोग अपनी बात रखते उससे पूर्व ही थाना हाथरस गेट के एस.ओ. के नेतृत्व व एस.पी. साहिबा के निर्देशन में उक्त सामाजिक बृद्ध, महिला व पुरुषों पर बर्बर लाठीचार्ज की कार्यवाही अमल में लाई गई। जिसमें कई लोग भयंकर रुप से घायल हुए हैं।
हम सभी सामाजिक कार्यकर्ता आपसे मांग करते हैं कि शीघ्र से शीघ्र दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही अमल में लाई जाय तथा गौकशी की घटनाओं को पूर्ण प्रतिबंधित किया जाय। सभी मार्गों पर पुलिस चेक पोस्ट की व्यवस्था कर आने जाने वाले वाहनों की जांच कर गायों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाय। सामाजिक कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों पर विभागीय कार्यवाही की जाय। जिससे गौमाता व उसके प्रति सजग समाज को न्याय मिल सके। इस अवसर पर प्रमुख रुप से वैद्य ललितेन्द्र सिंह, संतोष पुण्डीर, प्रशान्त विक्रम शाह, मनोज वाष्र्णेय, विवेक यादव, अजय चैहान, देवेन्द्र दीक्षित शूल, निशान्त चैहान आदि सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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